Saturday, July 28, 2018

एक आदमी की गलती से पूरे मुसलमानों को शक की नजर से क्यूं देखा जाता है, जबकि कातिल, खूनी भेड़िए, नरभक्षी तो हर जगह हैं ।

#ऐसा_क्यूं_है_दोस्तों

1984 मे सिखों का कत्ले आम हुआ लोगों ने कहा कांग्रेसियों ने किया है किसी ने ये नही कहा कि हिंदुओं ने किया है ।

1992 मे बाबरी मस्जिद शहीद हुई हजारों मुसलमानों का कत्ले आम हुआ लोगों ने कहा विहिप और राम भक्तों ने किया किसी ने नहीं कहा कि हिंदुओं ने किया है ।

2002 मे गुजरात मे मुसलमानों का कत्ले आम हुआ लोगों ने कहा संघ और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने किया है किसी ने नही कहा कि हिंदुओं ने किया है ।

गाय के नाम पर भीड़ मुसलमानों को मार रही है गौ रक्षकों का नाम लिया जा रहा है कोई ये नही कहता कि हिंदू मार रहे हैं ।

मगर कभी इन पीड़ितों का कोई भाई या बेटा अपने भाई या बाप का बदला लेगा तो तुरंत सारे जहां मे शोर मचा दिया जाएगा कि मुसलमानों ने किया है मुसलमान आतंकवादी हैं ऐसा क्यूं ?

1984 वाले, 1992वाले, 2002 वाले, गौ रक्षक भी तो हिंदू ही हैं तो जब उनके गुनाह के दोषी सब हिंदू नहीं हैं तो फिर मुंबई हमले के दोषी सब मुसलमान क्यूं ?

एक आदमी की गलती से पूरे मुसलमानों को शक की नजर से क्यूं देखा जाता है, जबकि कातिल, खूनी भेड़िए, नरभक्षी तो हर जगह हैं ।

कत्ल भी हम हुए, कातिल भी हम कहलाए ।
वाह रे तेरा फैसला वाह रे तेरा कानून ।

एक बात याद रखिए मैं हिंदू विरोधी नही हूं मै तो ये कहना चाहता हूं कि किसी धर्म मे बुराई नही उस धर्म को मानने वालों मे बुराई है जो बुरा कर रहा है उसे बुरा कहो किसी धर्म को नही ।

✍ हिन्दू मुस्लिम एकता मंच

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